बच्चों के लिए 5000 ₹ की SIP से 48 करोड़ की यात्रा!
एक hypothetical example के साथ एक मजेदार और आपको सोचने पर मजबूर करने वाली Analysis आज आपके सामने रखेंगे और इसी पे बात करेंगे. हम सभी को नौकरियों मिलती है, शादी विवाह होता है और बच्चे होते हैं, साथ ही शुरू होती है उनके पालन पोषण, पढ़ाई लिखाई,नौकरी, शादी विवाह और भविष्य की चिन्ता. बस इसी चिंता को दूर करने के लिए हम निवेश के कुछ आंकड़ों की बात करेंगे. मान लेते हैं कि एक व्यक्ती जिसकी 25 की उम्र में नौकरी लगी, 26 में उसकी शादी हुई और 27 मे एक बच्चे ने जन्म लिया. जन्म लेते ही उस पिता ने बच्चे के नाम एक 5000 ₹ की SIP शुरु की जो उसके 25 साल तक होने तक चलती रहेगी. पिता ने उसकी पढ़ाई के लिए पूरे समय सामान्य स्कूल का ही चयन किया, क्योंकि उनका मानना था कि बच्चों का खुद का अपना टैलेंट और जिज्ञासा होती जो उन्हें सफल बनाती है, school तो बस एक माध्यम जो उन्हें सही दिशा मे बनाए रखते हैं, इसलिए स्टैटस और दिखावा के चक्कर मे महंगे और show-off करने वाले स्कूल्स मे पढ़ाना पैसों की बर्बादी के सिवा कुछ नहीं है. छोटे स्कूल्स मे पढ़ाई पे ज्यादा ध्यान दिया जाता है क्योंकि वहाँ show-off के लिए पैसे नहीं ह...