Instant Vs. Delayed Gratification
हममें से ज्यादातर लोग त्वरित संतुष्टि यानी instant Gratification के शिकार हैं और हमारी ज्यादातर वित्तीय समस्याओं, loan EMI के मकड़जाल मे फंसने का कारण यही Mindset है!
और इसका समाधान है Delayed Gratification इसका मतलब है तत्काल संतुष्टि यानी Instant Gratification को छोड़कर भविष्य में मिलने वाले बड़े फायदों के लिए इंतजार करना। यह एक Mature Mindset है जो दीर्घकालिक लाभ के लिए धैर्य रखने की क्षमता को दर्शाता है।
Instant Gratification जैसे उदाहरण के लिए .
EMI पर कार लेने से तुरंत गाड़ी का आनंद मिलता है, लेकिन आपको हर महीने Interest सहित EMI चुकानी पड़ती है।
EMI पर घर लेने से आप जल्द ही घर के मालिक तो बन जाते हैं (लेकिन Legally नहीं) , और लंबे समय तक भारी भरकम Interest चुकाना पड़ता है और प्रतिमाह EMI का tension अलग ।
वैसे ही EMI पर महंगा iPhone लेने से आपके पास तुरंत वह फोन तो आ जाता है, proud feel होता है, लेकिन इसकी कीमत के साथ ब्याज भी जुड़ जाता है।
अब समझते हैं Delayed Gratification का दृष्टिकोण क्या हैं?
यदि आप तुरंत खर्च करने की बजाय बचत और निवेश करते हैं, तो आप अपने लक्ष्य को बिना ब्याज के अतिरिक्त बोझ के पूरा कर सकते हैं।
जैसे यदि आप हर महीने EMI के बजाय SIP में निवेश करें, तो कुछ सालों में पर्याप्त रकम जमा हो सकती है जिससे आप कार खरीद सकते हैं।
घर खरीदने से पहले बड़े डाउन पेमेंट के लिए पहले बचत करें। इससे लोन कम लेना पड़ेगा और ब्याज का बोझ कम होगा।
EMI का बोझ न होने या कम होने से आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर रहती है और हर महीने के EMI के तनाव से छुटकारा भी मिलता है ।
अब कुछ उदाहरण से समझते हैं!
पहला 1 घर खरीदने का उदाहरण
₹20 लाख का घर यदि 8% ब्याज दर पर लिया जाए तो 20 साल में आप लगभग ₹40 लाख चुकाते हैं यानी लगभग 20 लाख ब्याज भी.
वहीं, यदि आप ₹15,000 मासिक SIP में 12% रिटर्न के साथ निवेश करें, तो 20 साल में आपके पास लगभग ₹ 1.5 करोड़ हो सकते हैं।
दूसरा एक कार खरीदने के निर्णय :-
पहले Instant Gratification के नजरिए से समझते हैं :
तुरंत संतुष्टि पाने के लिए आप लोन लेकर EMI पर कार खरीदते हैं। इसका मतलब है कि कार का आनंद आज से ही शुरू होता है, लेकिन इसकी कीमत ब्याज सहित ज्यादा चुकानी पड़ती है।
उदाहरण के लिए :
कार की कीमत: ₹10 लाख
लोन राशि: ₹9 लाख (1 लाख डाउन पेमेंट)
ब्याज दर: 10%
कार्यकाल: 5 साल
EMI: लगभग ₹19,125/माह
कुल भुगतान: ₹11.47 लाख (₹1.47 लाख अतिरिक्त ब्याज)
नुकसान (Instant Gratification):
1. अतिरिक्त खर्च:
₹1.47 लाख का ब्याज देना होगा, जिससे कार की कुल लागत बढ़ जाती है।
2. आर्थिक दबाव:
हर महीने ₹19,125 की EMI चुकाने का तनाव रहेगा, जिससे अन्य जरूरतों और निवेश के लिए पैसे कम बचेंगे।
3. मूल्य घटने का नुकसान (Depreciation):
कार खरीदने के तुरंत बाद उसकी कीमत गिरती है। 5 साल बाद ₹10 लाख की कार की कीमत लगभग ₹5-6 लाख रह जाती है।
4. निवेश का नुकसान:
EMI का पैसा बचत या निवेश में नहीं लग पाता, जिससे वित्तीय लक्ष्यों में देरी होती है।
अब हम इसी उदाहरण को Delayed Gratification के नजरिए से समझते हैं :
इसमे कार खरीदने का फैसला तुरंत लेने के बजाय आप पहले पर्याप्त बचत और निवेश करते हैं और फिर कार खरीदते हैं।
उदाहरण:
लक्ष्य: ₹10 लाख की कार खरीदना
बचत/निवेश: हर महीने ₹19,125
इंटरेस्ट रेट (निवेश पर): 12% SIP रिटर्न
समय: 5 साल
कुल फंड: ₹15.77 लाख
फायदे (Delayed Gratification):
1. ब्याज से बचत:
आप ₹ 1.5 लाख का ब्याज चुकाने के बजाय ₹ 5 से 6 लाख का रिटर्न कमा सकते हैं।
2. आर्थिक स्वतंत्रता:
बिना लोन के कार खरीदने से आपकी मासिक आय पर भविष्य में भी कोई दबाव नहीं होगा।
3. लिक्विडिटी (पैसा हाथ में):
आपके निवेश का फंड इमरजेंसी में मदद कर सकता है, जबकि EMI में पैसा फंसा रहता, और हर हाल मे आपको उसका भुगतान करना ही पड़ता है ।
4. मूल्य में गिरावट का नुकसान नहीं:
जब आपके पास पूरी रकम हो, तो आप कार खरीदने का सही समय चुन सकते हैं और नई कार का मूल्य कम होने से पहले उससे पूरा लाभ उठा सकते हैं।
5. निवेश की आदत:
बचत और निवेश से आप भविष्य के लिए बेहतर वित्तीय अनुशासन विकसित करते हैं।
---
निष्कर्ष:
Instant Gratification से तुरंत संतुष्टि तो मिलती है, लेकिन यह आपको EMI, Personal और financial Stress, और unsecured future की तरफ ले जा सकता है।
Delayed Gratification से आप आर्थिक रूप से मजबूत बनते हैं, बिना कर्ज के कार या घर खरीद सकते हैं, और भविष्य के लिए निवेश की आदत भी विकसित कर सकते हैं।
इसलिए, धैर्य और योजना बनाकर वित्तीय निर्णय लेना लंबे समय में अधिक लाभदायक है। इससे न केवल आपका भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि आप कर्ज के बिना अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं!

Comments
Post a Comment